[NEW] मुहर्रम 2021 शायरी | Muharram Shayari, Quotes & Muharram Wishes In Hindi

आज के इस आर्टिकल में हम आपके लिए मुहर्रम शायरी तथा Muharram shayari in hindi लाये है। हमें पूरी उम्मीद है की आपको मुहर्रम पर शायरी जरुर ही पसंद आएगी। अगर मुहर्रम की शायरी में कोई गलती हो जाए तब छोटा भाई समझ कर मुझे माफ़ कर देना। में दुआ करता हूँ की मुहम्मद हुसैन आपको इस Muharram 2021 के मौके पर सलामत रखे।

Muharram shayari in hindi ( मुहर्रम शायरी )

क्या जलवा कर्बला में दिखाया हुसैन ने,
सजदे में जाकर सर कटाया हुसैन ने
नेजे पर सर था और जुबा परअय्यते
कुरान इस तरह सुनाया हुसैन ने।
Muharram Shayari In Hindi


Kya jalwa karbala me dikhaaya hussain ne
sajde me jakar sar kataya hussain ne
neje pr sar tha aur juba pr ayaate
kuraan is tarh sunaaya hussain ne.

Hindi Muharram shayari


करीब अल्लाह के आओ तो कोई बात बने
करीब अल्लाह के आओ तो कोई बात बने
इमान फिर से जगाओ तो कोई बात बने, लहू जो बह गया कर्बला में,
उनके मकसद को तुम समझो ज़रा तो कोई बात बने।
Shayari For Muharram


kareeb allah ke aao to koi bat bane
kareeb allah ke aao to koi baat bane
imaan phir se jagao to koi baat bane, lahoo jo bah gya karbala me
unke maksad ko tum samjho jara to koi baat bne.

happy Islamic new year

दश्त-ऐ बाला को अर्श का जीना बना दिया,
जंगल को मोहम्मद का मदीना बना दिया
हर जर्रे को नजफ का नगीना बना दिया
हुसैन तुमने मरने को इस दुनिया में जीना बना दिया।
Hussain Muharram Shayari


Best Muharram shayari


dasht-e-baala ko arsh ja jeena bna diya
jangl ko muhammad ka madeena bna diya
har jarre ko najaf ka nageena bna diya
hussain tumne marne ko is duniya me jeena bna diya
Hindi Muharram Shayari

happy Islamic new year

एक दिन बड़े गुरुर से कहने लगी जमीन
ऐ मेरे नसीब में परचम हुसैन का
फिर चाँद ने कहा मेरे सीने के दाग देख
होता है आसमान पर भी मातम हुसैन का।

ek din bde gurur se kahne lgi jameen
e mere naseeb me parcham hussain ka
phir chaand ne kahaa mere seene ke daag dekh
hota hai aasmaa pr bhi maatam hussain ka
Best Muharram Shayari


यूं ही नहीं जहां में चर्चा हुसैन का
कुछ देखकर ही हुआ था जमाना हुसैन का
सर देकर जो जहां की हुकूमत खरीद ले
महंगा पड़ा यह जीत को सौदा हुसैन का।

Muharram shayari Hindi


yu hi nhi jahaa me chrcha hussain ka
kuch dekhakar hu hua tha jamaana hussain ka
sar dekar jo jahaa ki hukumat khareed le
mahanga pda yh jeeta ka sauda hussain ka


अजब लड़ी है जंग भी हुसैन ने यजीद से
वो इससे बढ़कर जीत क्या जागीद था लेकिन हुसैन है।
happy Islamic new year

Ajab ladi hai jung bhi hussain se
wo isase badhker jeet ka jageed tha lekin hussain hai.

गलतफहमी तुम्हारी है की तुम हमको मिटा दोगे
हमारे यहा तो लांखो से बहत्तर जीत गये है।

Hussain Muharram shayari


Galatphahami tumhari hai ki tum hamko mita doge
hmare yhaa to laankho se bahattar jet gye

अली का जैब ओ जेन जिंदा है,
फातमा के दिल का चैन जिन्दा है,
न पूछो वक्त की मेज़बा किताबो से
जब सुनो अज़ान तो समझो हुसैन जिंदा है।
happy Islamic new year

Ali ka jeb o jeena jinda hai
phatma ke dil ka chain zinda hai
n poocho wkt ki mejba kitaabo se
jb suno ajaan to smjho hussain zinda hai

बस चार दिन की थी हुकूमत यजीद की
सदिया हुसैन की है ज़माना हुसैन का है।

Muharram 2021 shayari


Bas char din ki hukumat thi yajeed ki
sadiyaa hussain ki hai aur jamaana hussain ka hai

कहदो गेम हुसैन मनाने वालो से
मोमीन कभी शोहदा का मातम नही करते
है इश्क अपनी जान से ज्यादा आले रसूल से
यु सरेआम हम इनका तमाशा नही करते
रोये वो जो मुनकिर शहादते हुसैन के
हम जिंदा ओ जावेद का मातम नही करते।

Muharram Shayari 


कहते है वो नूर जिसको सहे मशरकेत,
उसी को नूरे खुदा नूरे एन कहते है
बिखर गया तो वो हिन्द कायनात बना
सिमट गया तो उसी को हुसैन कहते है।

Kahte hai wo noor jisko she msharket
usi ko noore khuda en kahte hai
bikhar gaya to wo hind kayanaat bna
simt gya to usi ko hussain kahte hai

बुलंदियों से पूछ लो सीना सीना हुसैन है
कदम कदम हुसैन है निशा निशा हुसैन है
दिलो में एहले दर्द के रवां तवां हुसैन है
ज़माना पूछता है के कहा कहा हुसैन है
जहा जहा रसूल है वहा वहा हुसैन है।

Bullandiyo se pooch lo seena seena hussain hai
kadam kadam hussain hai nisha nisha hussain hai
dilo me ehle drd ke rawa tawa hussain hai
jamaana poochta hai ke kaha kaha hussain hai
jaha jaha rasool hai waha waha hussain hai

Muharram 2021 क्यों मनाते है ?


इस्लामिक जानकारों के अनुसार.... इमाम हुसैन की शहादत को याद रखते हुए मोहर्रम के दिन उनकी शहादत का मातम मनाया जाता है।  इमाम हुसैन पैगंबर मोहम्मद के नाती थे उन्हें कर्बला की जंग में शहादत मिली थी। इस्लाम में खिलाफत यानी कि खलीफा का राज था खलीफा उस वक्त पूरी दुनिया में मुसलमानों का प्रमुख नेता हुआ करता था।  पैगंबर साहब के आदेश पर चार खलीफा चुने गए थे और यह खलीफा हमेशा ही लोगों की राय के हिसाब से चुने जाते थे। Muharram Shayari 

इस्लामी खिलाफत के करीब 50 साल के बाद इस्लामी दुनिया में घोर अत्याचार का दौर आया। यजीद के काम करने का तरीका ठीक बादशाहो जैसा था। वह लोगों पर अत्याचार करता था इस्लाम के कायदे कानून से विपरीत काम करता था। वही इमाम हुसैन यानी कि पैगंबर मोहम्मद के नाती ने उसे खलीफा मानने से इनकार कर दिया। Muharram Shayari  इससे नाराज यजीद ने अपने लोगों को फरमान भेजा कि जाओ जाओ जाकर उसको यह कह दो। कि या तो वह मेरे आदेश का पालन करें नहीं तो उसकी गर्दन काट कर ले आओ इसके बाद यह सीट के फरमान पर हुसैन को बुलाया गया। Muharram Shayari In Hindi

हुसैन ने ऐसे आदमी का कहा मानने से इनकार कर दिया जो खुद को अल्लाह मानता हो हुसैन ने कहा कि मैं एक व्यापारी भ्रष्टाचारी और खुदा को ना मानने वाले के आदेश को कभी नहीं मानूंगा इसके बाद इमाम हुसैन मक्का शरीफ चले गए वहीं इमाम हूं सैन की यह बात सुनकर happy Islamic new year जैसी को काफी गुस्सा आ गया जिसमें अपने लोगों को मक्का में यात्री बनाकर भेजा और इमाम को मारने का आदेश दे दिया यह बात हुसैन को पता चल गई उसे जैसे तैसे बचते बचाते अपने परिवार के साथ इराक की ओर रवाना हो गए हुसैन खून खराबे से बचना चाहते थेMuharram Shayari 

इराक में कर्बला में जाकर रहने लगे लेकिन ऐसी सोच वहां भी पहुंच गई तब हुसैन ने उससे कहा कि तुम मुझे एक रात की मोहलत दो ताकि मैं अल्लाह की इबादत कर सकूं। उस पूरी रात हुसैन ने अल्लाह की इबादत की अगले दिन जंग हुई जंग में हुसैन के सभी साथी मारे गए दूसरी तरफ हुसैन का 6 महीने का बेटा अली असगर प्यास से बेहाल था। 
Muharram Shayari In Hindi

हुसैन उसे कर्बला की जंग के मैदान में लेकर गए और वहां सैनिकों से कहा कि मेरे बेटे को पानी पिला दो।  लेकिन सैनिकों को ना तो उस बच्चे की हालत पर तरस आया ना ही उन्होंने हुसैन की बात मानी नतीजा ये निकला कि अली असगर हुसैन के बाहों में ही प्यास से तड़प कर दम तोड़ दिया। उसके बाद  सैनिकों ने हुसैन का भी गला काट दिया और इस तरीके से हुसैन और उनके बेटे ने इस्लाम के उसूलों के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। इसीलिए खुदा के नेक बंदे की शहादत का मातम मनाते हुए मुहर्रम मनाया जाता है। 

निष्कर्ष :

हमें पूरी उम्मीद है की आप इस बार मुहर्रम 2021 को बहुत ही शानदार और जानदार तरीके से हुसैन को याद करते हुए मना रहे है। हमें पूरी उम्मीद है की आपको ये Muharram shayari in hindi तथा मुहर्रम शायरी हिंदी में जरुर ही पसंद आई है। दुआ करते है की आपके लिए आने वाला ये साल मुहम्मद हुसैन आपको सलामत रखेंगे। 

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